कृति रक्षण राष्ट्रीय पाण्डुलिपि मिशन का द्विमासिक प्रकाशन है। इसे अगस्त, 2005 में शुरू किया गया था और इसे प्रत्येक दो माह में एक बार प्रकाशित किया जाता है और इसे देश के सभी विश्वविद्यालयों और सार्वजनिक पुस्तकालयों को नि:शुल्क वितरित किया जाता है। इसे चयनित विद्यार्थियों और विदेशी संस्थानों को भी भेजा जाता है जिनकी भारतीय पाण्डुलिपियों में रुचि है।

    कृति रक्षण की नियमित विशेषताएँ, जो प्रत्येक अंक में दिखाई देती हैं, नीचे दी गई हैं:
    • भारतीय पाण्डुलिपियों के संबंध में प्रश्नोत्तरी – पाण्डुलिपियों के विभिन्न पहलुओं में रुचि पैदा करने के लिए
    • चर्चित संस्थान – एक भारतीय संगठन का परिचय जिसने कई दशकों अथवा शताब्दियों से पाण्डुलिपियों पर कार्य किया है     
    • चर्चित पाण्डुलिपि – एक महत्वपूर्ण पाण्डुलिपि/पाठ और इसकी विषय-सूची का एक संक्षिप्त विवरण     
    • घटनाओं का सार – जो उन क्षेत्रों के बारे में जानने में रुचि रखते हैं जिनमें हम कार्य करते हैं उनके लिए मिशन के पूर्व के तथा वर्तमान क्रियाकलाप  

    इस विश्वास के साथ कार्य करते हुए कि लोग उनकी विरासत को बनाए रखने और इसके संरक्षण में अधिक रुचि लेंगे यदि वे इसे बेहतर ढंग से समझेंगे, कृति रक्षण यथासंभव अधिक से अधिक लोगों को भारतीय पाण्डुलिपियों और उनकी परंपराओं के संबंध में सूचना तक पहुँच उपलब्ध कराने का प्रयास करती है।